BHRAMAR KA JHAROKHA DARD E DIL WELCOMES YOU

Wednesday, 1 February 2012

अभागन

अभागन

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पैदा हुयी तो माँ मर गयी ?

बाप लापता --

कूड़े में फेंक दी गयी

किसी ने उठाया



मंदिर की सीढ़ी पे लिटाया

भिखारन ले गयी

नटिनी बनाई

रस्सी पे दौडाई

किसी को उसकी

कला पसंद आई

बेंच दी गयी



सर्कस में आयी

भीड़ बढ़ाई

इनाम पायी

शादी रचाई

अमेरिका आई

पढ़ी -पढाई

उड़ान भरी ----

नाम कमाई देश का

टी. वी. न्यूज में छाई

स्वर्णाक्षरों में

अपना नाम लिखाई

अपने कर्म से

हर जंग जीत के

दिखाई -सिखाई -

भाग्य बनाती हैं -बेटियाँ

खुद का -घर परिवार का

समाज-देश का

भाग्य है !!

उसकी शोध अभी जारी है

कुछ और कर गुजरने की तैयारी है



(सभी फोटो गूगल / नेट से साभार लिया गया )


हिंदुस्तान आई है

खोज रही है

नामोनिशान ----

घर -ठिकाना

अपनी प्यारी माँ -

पूजनीय बाप का

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शुक्ल भ्रमर ५

१.५२-२.२० पूर्वाह्न

२४.११.११ -यच पी




DE AISA AASHISH MUJHE MAA AANKHON KA TARA BAN JAOON

Thursday, 26 January 2012

भारत देश हमारा प्यारा

भारत देश हमारा प्यारा

बड़ा अनोखा अद्भुत न्यारा

शत शत इसे नमन .......



(फोटो साभार गूगल/ नेट से )

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तरह तरह की भाषाएँ हैं

भिन्न भिन्न है बोली

रहन सहन पहनावे कितने

फिर भी सब हमजोली

भारत देश हमारा प्यारा

बड़ा अनोखा अद्भुत न्यारा

शत शत इसे नमन ......

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मन मिलते हैं गले मिलें हम

हर त्यौहार मनाएं

धूमधाम से हँसते गाते

हाथ मिलाये सीढ़ी चढ़ते जाएँ ..

भारत देश हमारा प्यारा

बड़ा अनोखा अद्भुत न्यारा

शत शत इसे नमन .......


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बड़े बड़े त्यागी मुनि ऋषि सब

इस पावन धरती पर आये

वेद ज्ञान विज्ञानं गणित सब

दुनिया योग सिखाये ...

भारत देश हमारा प्यारा

बड़ा अनोखा अद्भुत न्यारा

शत शत इसे नमन .......


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आलस त्यागे बच्चे बूढ़े कर्म जुटे हैं

हरियाली खुशहाली देखो

घर घर में है ज्योति जगाये

लिए तिरंगा नापे धरती सागर चीरे

पर्वत चढ़ के आसमान हम छाये

चमक दामिनी सी गरजें जब

दुश्मन सब थर्राएँ

भारत देश हमारा प्यारा

बड़ा अनोखा अद्भुत न्यारा

शत शत इसे नमन .......


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कितने जालिम तोड़े हमको

लूटे - ले घर भागे

सोने की चिड़िया हम अब भी

देखो सब से आगे

जहां रहेंगे खिल जायेंगे

फूल से महके जाते

वे जलते कोयले सा बनते

हीरा हम सब चमके जाते

भारत देश हमारा प्यारा

बड़ा अनोखा अद्भुत न्यारा

शत शत इसे नमन .......


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वीर जवानों वीर शहीदों

शत शत नमन तुम्हे ,

तेरे ऋण से उऋण कहाँ हे !

नक़्शे कदम पे तेरे जाके

है प्रयास हम प्रजा सभी का

झंडा ले हम विश्व पटल पे

भरे ऊर्जा जोश दोगुना

ऊंचाई चढ़ सूर्य से चमकें

पल पल हम गतिशील रहें !

भारत देश हमारा प्यारा

बड़ा अनोखा अद्भुत न्यारा

शत शत इसे नमन .....


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सुरेन्द्र शुक्ल भ्रमर ५

करतारपुर पंजाब

२६ जनवरी २०१२

८-८.१५ पूर्वाह्न

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DE AISA AASHISH MUJHE MAA AANKHON KA TARA BAN JAOON

Wednesday, 11 January 2012

ये नेता अब बिगड़ गए हैं

ये नेता अब बिगड़ गए हैं
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खटमल तो हैं भले बिचारे
चूस रक्त फिर भक्त बने
ये नेता तो चूसे जाते
घर भर लेते नहीं अघाते
दिन में भी हैं लूट रहे
सात समुन्दर पार हैं उड़ते
दिल बदले फिर फिर कर आते
जिस थाली में आते खाते
उसी में सौ सौ छेद करें
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मच्छर तो हैं भले बिचारे
बोल चूस कर उड़ जाते
बच सकते जो जागे होते
नेता जैसे नहीं ये होते
आँख झंपी तो वार करें
अपने बीच में पड़े खड़े हैं
कोल्हू जैसे पेर रहे
यहीं घूमते गोले-गोले
निशि दिन तेल निकाल रहे
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मगरमच्छ सा भोले बन के
यहाँ वहां है सोये
खून सूंघते आहट पर ये
“सौ” -टन जबड़ा कसते
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माया मोह न भाई बंधू
कुछ भी ना पहचानें
बड़े बेरहम हैं -अंधे -ये
माँ को भी ना जानें
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ये बन्दर हैं छीन झपट लें
शेर से करते वार
देव -दूत ना हंस नहीं हैं
गीदड़ -रंगा-नील सियार
पिजड़े में जब तेरे होंगे
मिट्ठू मिट्ठू बोलें
नाक नकेल अगर तुम ला दो
देश का बोझा ढो दें !!
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ये नेता अब बिगड़ गए हैं
फूल का हार न भाता
कोई जूता -हार -पहनता
कोई थप्पड़ खाता !
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काल कोठरी इनको भाती
एक एक कर जाते
माँ के दूध की लाज भी भूले
तनिको ना शरमाते
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रौंद रौंद फुलवारी को अब
सब पराग ले जाता
अंडे खा ना पेट भरे ये
“सोने चिड़िया ” नजर गडाए
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विद्वानों की मति मारें ये
पार्टी चाबुक लाये
जनता को सौ टुकड़े बाँटें
खून हैं रोज बहाते
रावण कंस बने ये दम्भी
देव से लड़ने जाते !!
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अथक परिश्रम से बनता है
भाई अपना खून
पानी सा मत इसे बहाना
सपने में ना भूल
कल रथ की डोरी हाथों में
तेरे फिर फिर आये
कोड़ा -चाबुक ले कर ही चढ़ना
गीता रखना याद !
माया -मोह- न रटना- “अपने ”
अर्जुन कृष्ण को लाना चुन के
तभी जीत हे ! जनता तेरी
तेरा होगा राज !!
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शुक्ल भ्रमर ५
३.३०-४.३१ पूर्वाह्न
२७.११.११ यच पी

DE AISA AASHISH MUJHE MAA AANKHON KA TARA BAN JAOON

Friday, 30 December 2011

नया साल अच्छा होगा !!

हरियाली हो वर्षा होगी

लहराएगी खेती

पेट भरेगा छत भी होगी

शेर -भेंड एक घाट पियेंगे पानी

मन मयूर भी नाच उठेगा

नया साल अच्छा होगा !!

आशु-आशा पढ़े लिखें

रोजगार भी पाएंगे

आशा की आशा सच होगी

सासबहू- माँ बेटी होगी

मन कुसुम सदा मुस्काएगा

नया साल अच्छा होगा !!

रिश्ते नाते गंगा जल से

पूत-सपूत नया रचते

बापू-माँ के सपने सजते

ज्ञान ध्यान विज्ञानं बढेगा

मन परचम लहराएगा

नया साल अच्छा होगा !!

खून के छींटे कहीं न हो

रावन होली जल जायेगा

घी के दीपक डगर नगर में

राम -राज्य फिर आएगा

मन -सागर में ज्वर उठेगा

नया साल अच्छा होगा !!


सुरेन्द्र कुमार शुक्ल भ्रमर ५

30.12.2011

6.35 P.M., U.P.



DE AISA AASHISH MUJHE MAA AANKHON KA TARA BAN JAOON

Sunday, 4 December 2011

देव-आनंद जी हमारे प्रिय अभिनेता को श्रद्धांजलि


देव-आनंद जी हमारे प्रिय अभिनेता को श्रद्धांजलि

( फोटो साभार गूगल/नेट से )

(1923-2011)

देव आनंद हमारे सदा बहार भारतीय सिनेमा के रोमांटिक नायक कल शनिवार की रात्रि में हृदयाघात के कारण हमें छोड़ कर चले गए सदा सदा के लिए हमसे दूर ..जो की ८८ वर्ष हमारे बीच हँसते मुस्कुराते रहे …..
दुनिया से जाने वाले जाने चले जाते हैं कहाँ ….???
हमारे प्रिय देव आनंद जी जो की कुछ दिनों से अस्वस्थ चल रहे थे अपने पुत्र सुनील के साथ लन्दन अपने स्वास्थ्य की जांच के लिए गए हुए थे

देव आनंद जी ने १९४६ में हम एक हैं से नायक की भूमिका से हमारे बीच आये और जिद्दी जब १९४७ में आई तो सुपर स्टार बन गए थे इस के बाद तो उन्होंने कभी मुड़कर पीछे नहीं देखा ! उनके द्वारा मुख्य अभिनीत फ़िल्में पेईंग गेस्ट , बाजी , ज्वेल थीफ ,सी आई दी , जनि मेरा नाम, आमिर-गरीब , वारंट, हरे रामा हरे कृष्णा ,और देश परदेश आदि थीं !

हमारे प्रिय देव आनंद जी को भारतीय सिनेमा में अद्भुत योगदान के लिए पद्म भूषण पुरस्कार से २००१ में नवाजा गया था और २००२ में इन्हें दादा साहब फाल्के पुरस्कार भी दिया गया था !
बाद में देव जी ने १९४९ में फिल्म बनाना शुरू किया नवकेतन इंटर नेशनल के नाम से -और लगभर ३५ सिनेमा बनाये .
हम बचपन में सुनते थे की काली पोशाक और सूट पर इनके लिए प्रतिबन्ध लग गया था कलियाँ फूल सब इन पर निछावर- दीवाने थे ! ऐसे थे हमारे सदा-बहार इन के बोलने की अदा मुस्कुराने की अदा आज भी हमारे नैनों में समाई है !

काला पानी और गाईड में सुन्दर अभिनय के लिए उन्हें दो फिल्म फेयर पुरस्कार भी दिया गया जो आस्कर के समान है ! उस वर्ष गाइड फिल्म को सबसे अच्छी फिल्म और बेस्ट डाइरेक्टर के लिए चुन कर आस्कर के लिए भी भेजा गया था इस सिनेमा का अंग्रेजी रूपांतरण भी पर्ल के साथ मिल कर किया गया था गुड अर्थ के नाम से !
तत्पश्चात १९९३ में उन्हें फिल्म फेयर के लाइफ टाईम अचीवमेंट पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया और इसी के जैसा १९९६ में विडिओकान लाइफ टाईम अचीवमेंट पुरस्कार दिया गया !
फिर बाद में विदेशों में भी अमेरिकन फिल्म प्रोजेक्ट के सांग आफ लाइफ के लिए भी वे कार्यरत थे !
देव आनंद जी अपने तीन भाइयों में से दूसरे थे जो हिंदी सिनेमा के लिए न्योछावर थे ! उनके दो और भाई चेतन आनंद और विजय आनंद हैं ! शेखर कपूर की माता शील कांता कपूर उनकी बहन हैं!
इन के द्वारा अभिनीत फिल्मों के गाने मन छू हमें भी सदा बहार बना जाते हैं ………

दीवाना मस्ताना हुआ दिल
धीरे धीरे चल चाँद
गाता रहे मेरा दिल
है अपना दिल तो आवारा न जाने किस पे ..
जाएँ तो जाएँ कहाँ ..
जीवन के सफ़र में राही मिलते हैं बिछड़ जाने को ..
खोया खोया चाँद खुला आसमान
कोई सोने के दिल वाला
मै जिन्दगी का साथ निभाता चला गया
माना जनाब ने पुकारा नहीं
फूलों के रंग से …
ऐसे तो ना देखो …
मेरा मन तेरा प्यासा …
दिन ढल जाए हाय रात न ..
और शोखियों में घोला जाए थोडा सा शबाब उसमे फिर मिलायी जाए …

तो आइये हमारे प्रिय दोस्तों इन्हें दिल से श्रद्धा सुमन अर्पित करें प्रभु इनकी आत्मा को भी सदा सदा के लिए सदा बहार रखे और इन के परिवार जनों ले लिए हम प्रभु से दुवाएं करे की इस बिछड़ने की घडी को सहते हुए वे उनके द्वारा दिए अनूठे योगदान को इस समाज के लिए और पोषित करें …
हरी ॐ तत-सत
भ्रमर ५

पल भर के लिए कोई हमें प्यार कर ले झूठा ही सही …


DE AISA AASHISH MUJHE MAA AANKHON KA TARA BAN JAOON