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Saturday, 12 April 2014

आम' आदमी बन जाऊं


आम' आदमी बन जाऊं
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मन खौले 'शक्ति' की खातिर
'आम' आदमी बन जाऊं
भीड़ हमारे साथ चले तो
रुतबा मै भी कुछ पाऊँ
अगर 'सुरक्षा' चार लगे तो
शायद 'थप्पड़' ना खाऊं
अंकुर उभरा दबा -दबा मै
टेढ़ा -मेढ़ा ऊपर आया
ऊपर हवा स्वर्ग सी सुन्दर
मान के सीढ़ी चढ़ आया
'सिर '  ऊपर तलवार है लटकी
आज समझ मै ये पाया
कहाँ रहूँ नीचे है दल-दल
ऊपर बिजली गिरती  गाज
मूंड मुंडाए गिरते ओले
जान बचाऊं करून क्या काज ?
डाकू 'वो' लूटें सब अच्छा
निजी कमाई मै बदनाम
सौ कमरों में गुप्त खजाने
भोले भले नेता जी
'दो' से 'चार' अगर मेरा हे!
जनता को मै लूटा जी
यारों आओ अब जागें हम
सच ईमाँ को चुन लाएं
जाति धर्म को दूर रखें हम
कर 'विकास' आगे आयें
अपना भारत स्वर्ग अभी भी
फूट-फूट कर हम रोते
आओ मिल सब हाथ मिला लें
सिर धुन देखो वे रोते
प्रतिनिधि अपने  जाएँ सच्चे
दर्द व्यथा जो अपनी समझें
'फूल' खिला अपनी क्यारी में
गुल-गुलशन बगिया महके
सुरेन्द्र कुमार शुक्ल 'भ्रमर ' ५
६.५५-७.२० पूर्वाह्न

जम्मू ३०.३.१४

DE AISA AASHISH MUJHE MAA AANKHON KA TARA BAN JAOON

Thursday, 26 January 2012

भारत देश हमारा प्यारा

भारत देश हमारा प्यारा

बड़ा अनोखा अद्भुत न्यारा

शत शत इसे नमन .......



(फोटो साभार गूगल/ नेट से )

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तरह तरह की भाषाएँ हैं

भिन्न भिन्न है बोली

रहन सहन पहनावे कितने

फिर भी सब हमजोली

भारत देश हमारा प्यारा

बड़ा अनोखा अद्भुत न्यारा

शत शत इसे नमन ......

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मन मिलते हैं गले मिलें हम

हर त्यौहार मनाएं

धूमधाम से हँसते गाते

हाथ मिलाये सीढ़ी चढ़ते जाएँ ..

भारत देश हमारा प्यारा

बड़ा अनोखा अद्भुत न्यारा

शत शत इसे नमन .......


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बड़े बड़े त्यागी मुनि ऋषि सब

इस पावन धरती पर आये

वेद ज्ञान विज्ञानं गणित सब

दुनिया योग सिखाये ...

भारत देश हमारा प्यारा

बड़ा अनोखा अद्भुत न्यारा

शत शत इसे नमन .......


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आलस त्यागे बच्चे बूढ़े कर्म जुटे हैं

हरियाली खुशहाली देखो

घर घर में है ज्योति जगाये

लिए तिरंगा नापे धरती सागर चीरे

पर्वत चढ़ के आसमान हम छाये

चमक दामिनी सी गरजें जब

दुश्मन सब थर्राएँ

भारत देश हमारा प्यारा

बड़ा अनोखा अद्भुत न्यारा

शत शत इसे नमन .......


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कितने जालिम तोड़े हमको

लूटे - ले घर भागे

सोने की चिड़िया हम अब भी

देखो सब से आगे

जहां रहेंगे खिल जायेंगे

फूल से महके जाते

वे जलते कोयले सा बनते

हीरा हम सब चमके जाते

भारत देश हमारा प्यारा

बड़ा अनोखा अद्भुत न्यारा

शत शत इसे नमन .......


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वीर जवानों वीर शहीदों

शत शत नमन तुम्हे ,

तेरे ऋण से उऋण कहाँ हे !

नक़्शे कदम पे तेरे जाके

है प्रयास हम प्रजा सभी का

झंडा ले हम विश्व पटल पे

भरे ऊर्जा जोश दोगुना

ऊंचाई चढ़ सूर्य से चमकें

पल पल हम गतिशील रहें !

भारत देश हमारा प्यारा

बड़ा अनोखा अद्भुत न्यारा

शत शत इसे नमन .....


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सुरेन्द्र शुक्ल भ्रमर ५

करतारपुर पंजाब

२६ जनवरी २०१२

८-८.१५ पूर्वाह्न

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DE AISA AASHISH MUJHE MAA AANKHON KA TARA BAN JAOON

Wednesday, 11 January 2012

ये नेता अब बिगड़ गए हैं

ये नेता अब बिगड़ गए हैं
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खटमल तो हैं भले बिचारे
चूस रक्त फिर भक्त बने
ये नेता तो चूसे जाते
घर भर लेते नहीं अघाते
दिन में भी हैं लूट रहे
सात समुन्दर पार हैं उड़ते
दिल बदले फिर फिर कर आते
जिस थाली में आते खाते
उसी में सौ सौ छेद करें
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मच्छर तो हैं भले बिचारे
बोल चूस कर उड़ जाते
बच सकते जो जागे होते
नेता जैसे नहीं ये होते
आँख झंपी तो वार करें
अपने बीच में पड़े खड़े हैं
कोल्हू जैसे पेर रहे
यहीं घूमते गोले-गोले
निशि दिन तेल निकाल रहे
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मगरमच्छ सा भोले बन के
यहाँ वहां है सोये
खून सूंघते आहट पर ये
“सौ” -टन जबड़ा कसते
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माया मोह न भाई बंधू
कुछ भी ना पहचानें
बड़े बेरहम हैं -अंधे -ये
माँ को भी ना जानें
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ये बन्दर हैं छीन झपट लें
शेर से करते वार
देव -दूत ना हंस नहीं हैं
गीदड़ -रंगा-नील सियार
पिजड़े में जब तेरे होंगे
मिट्ठू मिट्ठू बोलें
नाक नकेल अगर तुम ला दो
देश का बोझा ढो दें !!
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ये नेता अब बिगड़ गए हैं
फूल का हार न भाता
कोई जूता -हार -पहनता
कोई थप्पड़ खाता !
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काल कोठरी इनको भाती
एक एक कर जाते
माँ के दूध की लाज भी भूले
तनिको ना शरमाते
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रौंद रौंद फुलवारी को अब
सब पराग ले जाता
अंडे खा ना पेट भरे ये
“सोने चिड़िया ” नजर गडाए
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विद्वानों की मति मारें ये
पार्टी चाबुक लाये
जनता को सौ टुकड़े बाँटें
खून हैं रोज बहाते
रावण कंस बने ये दम्भी
देव से लड़ने जाते !!
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अथक परिश्रम से बनता है
भाई अपना खून
पानी सा मत इसे बहाना
सपने में ना भूल
कल रथ की डोरी हाथों में
तेरे फिर फिर आये
कोड़ा -चाबुक ले कर ही चढ़ना
गीता रखना याद !
माया -मोह- न रटना- “अपने ”
अर्जुन कृष्ण को लाना चुन के
तभी जीत हे ! जनता तेरी
तेरा होगा राज !!
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शुक्ल भ्रमर ५
३.३०-४.३१ पूर्वाह्न
२७.११.११ यच पी

DE AISA AASHISH MUJHE MAA AANKHON KA TARA BAN JAOON

Thursday, 17 November 2011

शराब और ड्रग्स ने उसे लील लिया

शराब और ड्रग्स ने उसे लील लिया
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शराब ने उसे लील लिया

बेटे की बचपन की शैतानियों से माँ को बड़ा प्यार था लेकिन किशोरावस्था के बाद की शरारतें माँ के मन को बेचैन करतीं थी ! उस का देर से घर लौटना अँधेरे में कई बार गिर पड़ चोट खा कर आना माँ की चिंता का सबब बनता जा रहा था ! धीरे धीरे वे उसकी हरकतों पर गौर करने लगी ! लगा की बच्चा अब बड़ा हो गया है और इसे अब अपने भविष्य के विषय में सोचना चाहिए !

किसी तरह से डिग्री की पढाई पूरी हो गयी ! कान में कुछ उडी पड़ी खबर भी आने लगी की बदनाम दोस्तों के साथ घूमना फिरना इस का जारी है ! लोक लाज का भय और बाप से हमेशा इस के विषय में छुपाये रखना माँ को अंदर ही अन्दर खोखला किये जा रहा था !

अप्रत्यक्ष रूप से बेटे को प्यार से समझाती जब फरमाईश होती तो बाप से बहाने बना पैसे भी बेटे को मुहैया कराती रहती और जितना ही उन्होंने उस को अपने आँचल में बाँधने की कोशिश की मामला बिगड़ता गया ! धीरे धीरे बातें पिता के कान तक पहुँचने लगी माँ ने भी खरी खोटी सुनी ! चिंता अब बढ़ गयी थी !

बेटा अब तो रात में शराब पी कर आने लगा ! घर में बहस बाजी झगडा झंझट बाप के साथ उलझ जाना मार पीट की नौबत क्या हाथापायी सब हो जाती ! दिन गुजरते गए लोगों ने सलाह दी बाहर कहीं भेज यहाँ के बदनाम लड़कों से संपर्क ख़त्म करें ! लेकिन माँ बाप की कौन सुनता बेटा अब जवान जो हो गया था ! २५ साल बहुत होते हैं लम्बा चौड़ा फुट से भी बड़ा …….पतला छरहरा देखने सुनने में सुन्दर शरीर ...लेकिन शराब और अन्य गोलियों के नशे के सेवन से जीवन का रास्ता ही बदल गया था !

लोग जो सुझाते माँ दौड़ी जाती ! पंजाब से दवा मंगाती खाने पीने में, चाय में, देती की आदत ये नशे की छूटे लेकिन सब बेकार कुछ दिन उल्टियां फिर बंद….. फिर शुरू !

फिर कुछ लोगों ने कहा की इस के पल्ले कोई सुन्दर बहुरिया बाँध दी जाए तो शायद प्यार में ये सुधर जाए ! सब को ये राह भी पसंद गयी शादी भी हो गयी ……….सुन्दर बहू गयी सौम्य सुन्दर सुशील लेकिन अब तो कोहराम मचाने पर कोई सुनने वाला, सहने वाला ,लिपटने वाला ,रोने और गिडगिडाने वाला , और जो मिल गया था ,खूंखार और हो गया सारे उपचार बेकार ...

साल भर बीत गया ! प्रभु ने सुना बच्चा होने की उम्मीद से सब खुश ..! शायद बच्चे से प्रेम हो जाए कुछ करिश्मा हो और सुधार हो .....लेकिन उस के कानों में जब बात पड़ी उसने गर्भपात ही करा दिया .. बीबी को घर में सोने तक नहीं देता नीचे विस्तर लगा बेचारी सो जाती ..पर साथ निभाने का प्यारा वादा वो रस्म रिवाज उसे तो सब याद था .....बीच बचाव में चूड़ियाँ तो पहले ही टूट जाती थी ..........गहने जो कुछ थे एक एक कर सब दद्दा ले गए ..........

शराब और कबाब मेंसब जाता रहा सब मूक दर्शक बन सहते रहे अपना भाग्य बना लिए .

सब फिर बेचैन ...हाथ पर हाथ धरे बैठे बूढ़े माँ बाप और कौन कितना लड़े ....

अभी १३ नवम्बर २०११ की रात फिर वही सिला वही चक्र देर से खा पी आना ……झगडा लड़ाई …..हंगामा और फिर एक कमरे में घुस बंद कर लेना ….सब को डराना की आज मै जो गोली खा कर आया हूँअब मुझको कोई नहीं बचा सकता ...फिर खुद को कमरे में बंद कर लेना ….रोज रोज ऐसी बातें सुन लोगों का विश्वास उठ चला था कितना सच कितना गलत पता नहीं …. ब्लैकमेलिंग की आदत तो पड़ ही चुकी थी ........

लेकिन आज उसकी चेतावनी झूठ नहीं थी ........उसने खुद को फांसी के फंदे से करीब रात ११ बजे ही लटका लिया था .और शराब ने उसे लील लिया था ....

....रात से ही हंगामा रोना पीटना ...माँ पर दौरे पड़ना ........पत्नी का मिटटी का तेल पी जान देने की कोशिशअस्पताल में भर्ती........पुलिस मीडिया रिश्तेदार ......आज तक किसी को अब उस घर नींद नहीं भागे भागे फिर रहे ................

अब ये खबर आई की पत्नी के पेट में फिर बच्चा है ........अगर मिटटी के तेल का असर हुआ तो शायद बच जाए ...........

माँ को सपना आया मै फिर लौट कर इस घर में आऊँगा ..........पागलपन ....सब गए दद्दा नहीं आये बस कहती जाती

मेरे दद्दा भगवान् को प्यारे हो गए शराब ने नशे ने उसे लील लिया .........यही बार बार दुहराना शायद अब उसकी किस्मत ..............

ये रायबरेली उत्तर प्रदेश के निवासी एक श्रीवास्तव परिवार की सच्ची घटना हैबाप अब रिटायर हैमाँ बूढी घर में है …..एक बहिन की शादी हो चुकी है ………

एक अभी भी कुंवारी है .....और भाई की आदतों से तंग गाँव में रह कर शिक्षा मित्र बन बच्चों को पढ़ाती है गाँव से ये सुन दौड़ आकर भाई से मिली यातनाएं भूल.. फूट फूट कर रो पड़ी ..बचपन के दिन........ राखी की यादें........... एक ही भाई ....सब तार तार हो गया ... मेरे दद्दा ......मेरे दद्दा .........

और मेरी आँखें भी भर आयीं ...क्षमा करिए अब लिख नहीं सकता ….उस आत्मा को श्रद्धांजलि और सब को सहने की शक्ति दें भगवान्

भ्रमर



DE AISA AASHISH MUJHE MAA AANKHON KA TARA BAN JAOON